शादी के लिए जैसे ही कोर्ट पहुंची विदेशी साध्वी, तो सामने आई हैरान कर देने वाली सच्चाई

प्यार न दिल से होता है न दिमाग से, प्यार तो इत्तेफाक से होता है और कहीं भी किसी भी हमें किसी से भी प्यार हो सकता है इसमें ना तो उम्र की सीमा होती है ना ही किसी तरह की धर्म जाति देखे जाती है. लेकिन यह कुछ ऐसा अजीबगरीब मामला सुनने को मिल रहा है जिसपर विश्वास करना हर किसी के लिए बेहद ही कठीन होगा. दरअसल अध्यात्मक पर चलने वाले  59 वर्षीय विदेशी साध्वी को सत्तर साल के भारतीय साधु से प्यार हो गया.

विदेशी साधु को प्यार होने के बाद अब ये दोनों एक दूसरे के साथ रहतना चाहता हैं, यानि इन्होंने अब शादी करके का मन बना लिया था. जिसके चलते ये दोनों मध्यप्रदेश के जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय में अपने विवाह का जीकरण कराने पंहुचे, लेकिन वहीं जैसे ही आसपास के लोगों को इस मामले की जानकारी मिली तो वह इन दोनों साधु व साध्वी को बहुत ही नजरों से देख रहे है।

खबरों के अनुसार ये भारतीय साधु की पहचान खरगोन जिले की कसरावद तहसील इलाके के खल गांव स्थित शनि मंदिर आश्रम में रहने वाले 70 वर्षीय महंत आनंदपुरी हैं और साथ विदेशी 59 वर्षीय साध्वी फिनलैंड निवासी तारजा एनेली को इस हिन्दुस्तानी  साधु से प्यार हो गया. इनके वकीन ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि  इन दोनों की मुलाकात हिमाचल  में करीब  11 साल पहले  हुई थी इसके बाद इन दोनों साधु व साध्वी में और भी नजदीकियां बढने लगी जिसके बाद ये दोनों साथ में रहने लगे.

यहां की ये दोनों एक दूसरे की बात को भी अच्छे से समझने लगे थे. जिसके बाद इन दोनों ने शादी करने का फैसला ले लिया और इसी कारण से ये कोर्ट में अपनी शादी का पंजीकरण कराने के लिए कोर्ट पहुंंचे हैं. वकील का कहना है कि इनको पहली बार में ही एक दुसरे से प्यार हो गया था लेकिन इसके बाद ये जब 5 साल बाद दोबारा मिले तो उन्होंनों एक दूसरे के प्यार का इजहार कर दिया. अब शादी करते वक्त इन्होंने फैसला लिया है कि अब ये मौत आने तक एक दुसरे के साथ रहेंगे.

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