बड़ी तेज़ी से फ़ैल रही है ये बीमारी हर 3 मिनट में एक युवा की मौत, कैंसर के बाद दूसरे नंबर पर आती है ये खतरनाक बीमारी !

आज हम आपको ब्रेन स्ट्रोक के बारे में बताने जा रहे हैं इसमें जब व्यक्ति के दिमाग के जिस हिस्से में ऑक्सीजन और रक्त का बहाव रुक जाता है जिसकी वजह से उस जगह की कोशिकाएं नष्ट होने लगती है और फिर वो हिस्सा काम करना बंद कर देता है जिसके कारण या तो व्यक्ति का वो हिस्सा अपाहिज हो जाता है या उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है. ये बीमारी युवाओं में काफी ज्यादा देखने को मिल रही है. अगर समय पर इस बीमारी का इलाज़ नहीं किया जाता तो ये दिमाग की कोशिकाओं और आवाज़ को नुक्सान पहुंचा कर व्यक्ति को अपाहिज कर देता है.

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फोर्टिस अस्पताल के एक वरिष्ठ न्यूरो स्पाइन सर्जन का कहना था कि “अभी कुछ वक़्त पहले तक युवाओं में स्ट्रोक के मामले कभी सुनने को नहीं मिलते थे लेकिन अब ब्रेन स्ट्रोक के ,मामले ज्यादातर युवाओं में ही देखने को मिल रहे हैं.”

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ब्रेन स्ट्रोक का कारण

युवाओं में स्ट्रोक होने का सबसे बड़ा कारण होता है हाई ब्लड प्रेशर होना, कम उम्र में डाईबेटिस होना, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, ज्यादातर युवाओं को धूम्रपान, शराब की लत भी होती है, बाहर का अनहेल्थी खाना, जंक फ़ूड, ये सभी चीज़ें उनके शरीर पर असर करती है और सबसे ज्यादा तनाव. युवाओं की ये सभी चीज़ें उनके लिए काफी घातक साबित होती है. जिसकी वजह से विकलांग भी हो सकते हैं.

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हर साल होती है इतने लोगों की मौत

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट का कहना था कि ‘हर साल ब्रेन स्ट्रोक के देश में 15 लाख मामले आते हैं. ये भारत में उम्र से पहले ही लोगों की मृत्यु का अहम कारण बनता जा रहा है. इस बीमारी से हर साल दो करोड़ लोग पीड़ित होते हैं जिनमें से कुछ लोगों की मृत्यु हो जाती है तो कुछ लोग अपनी पूरी जिंदगी विकलांग होकर गुजारते हैं.’

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हर तीन मिनट में होती है 1 व्यक्ति की मौत 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमारे देश में हर तीन सेकेंड में एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार होता है और इसकी वजह से हर तीन मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. अगर देखा जाए तो कैंसर से सबसे ज्यादा लोगों की मृत्यु होती है और ब्रेन स्ट्रोक अब कैंसर के बाद मरने का सबसे दूसरा बड़ा कारण बन चुका है.

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स्ट्रोक के कारण हमारे दिमाग पर गहरा असर होता है इसलिए जितना जल्दी हो सके इसका इलाज़ करना चाहिए वरना मरीज़ को अपनी जान गवानी पड़ सकती है या तो उसे जिंदगी भर अपना जीवन बिस्तर पर लेटे हुए गुज़ारना पड़ सकता है.

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