9 अक्टूबर अमावस्या सर्वपितृ श्राद्ध के दिन गलती से भी ना करें ये 8 काम, नहीं तो पितृ हो जाते हैं नाराज़

आश्विन माह की अमावस्या के दिन सर्वपितृ श्राद्ध (आखिरी श्राद्ध) होता है और इसे पितृपक्ष का आखिरी दिन भी कहते हैं. जो लोग तिथि के अनुसार शश्राद्ध ना कर पाएं हो या फिर तिथि याद ना हो तो अमावस्या की दिन श्राद्ध किया जा सकता है. इस दिन किये गये श्राद्ध से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. 9 अक्टूबर मंगलवार को अमावस्या सर्वपितृ श्राद्ध है. शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष के इस आखिरी दिन में कुछ विशेष बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिए. हम आपको ऐसे 8 काम के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अमावस्या श्राद्ध के दिन नहीं करना चाहिए. अगर आप काम करते हैं तो आपके पितृ आपसे नाराज़ हो जाएंगे.

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भूलकर भी न करें 8 काम

1.पितृ पक्ष के आखिरी दिन तक श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को ना तो पान खाना चाहिए और ना ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए.

2. पितृ पक्ष के समय और पितृ पक्ष के आखिरी दिन किसी दूसरे शहर की यात्रा नहीं करनी चाहिए. आपने गुस्से पर भी काबू रखना चाहिए.

3. श्राद्ध बिना संकल्प के कभी पूरा नहीं माना जाता इसलिए श्राद्ध के आखिरी दिन हाथ में चन्दन, फूल, तिल और अक्षत लेकर अपने पितरों का तर्पण जरुर करें.

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4. ध्यान रहे श्राद्ध में मूली, सत्तू, चना,मसूर दाल, खीरा, काला नमक, काली उड़द और बासी फल या अन्न का उपयोग नहीं किया जाता.

5. अगर चाहते हो अपने पितरों की कृपा पाना तो श्राद्ध के आखिरी दिन  गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन जरुर करवाएं. इसके अलावा दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.

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6. श्राद्ध करते समय तिल और कुश (पवित्र घास) का होना बेहद जरुरी होता है.

7. श्राद्ध का भोजन बनाने में लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

8. भूलकर में श्राद्ध के दिनों में किसी भी तरह की तामसिक वास्तु और नशे का सेवन नहीं करना चाहिए.

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