भारत में मौजूद इस मंदिर के अंदर जाने में लोगों की कांप जाती है रूह, वजह हैरान कर देगी

भारत में कई प्राचीन मंदिर हैं जिनके बारे में कम ही लोग जानते होंगे. हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला में स्थित चौरासी मंदिर में आज तक कोई इन्सां अन्दर जाने के हिम्मत नहीं जुटा पाया. बताया जाता है कि जिंदा रहते हुए कोई भी इंसान इन मंदिर के अंदर नहीं जा पाता. मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में मरने के बाद तो हर किसी को जाना पड़ता है चाहे वो नास्तिक हो या आस्तिक. इसके पीछे की वजह हैरान कर देगी.

(Image Source : Patrika)

  इस वजह से जीते जी नहीं जा पाता कोई इस मंदिर में… 

चौरासी मंदिर धर्मराज महाराज (मौत के देवता) का मंदिर हैं. इस मंदिर में एक खाली कमरा है जिसे चित्रगुप्त का कमरा कहते हैं. चित्रगुप्त महाराज वो होते हैं जो जीवन के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं. मान्यता के अनुसार जब किसी इंसान की मृत्यु हो जाती है तो उसे इस मंदिर में  चित्रगुप्त के सामने प्रस्तुत करते हैं. चित्रगुप्त के सामने मृत्यु होने के बाद कक्ष में उसकी आत्मा को ले जाया जाता है. गरुड़ पुराण में भी यमराज के दरबार में  चार द्वार का उल्लेख किया गया है.

मंदिर में आत्माओं को बुलाया जाता है…. 

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मंदिर झाड़ियों से घिरा था. इस मंदीर में सामने ही चित्रगुप्त की कचहरी है जहाँ पर आत्माओं के उल्टे पैर भी दर्शाए गये हैं. मान्यताओं के अनुसार अप्राकृतिक मृत्यु होने पर इस मंदिर में पिंड दान किया जाता है ओ साथ ही गौ दान भी करते हैं. इस मंदिर में सौ साल से अखंड धूना भी लगातार जल रहा है.

लोगों का कहना है मंदिर के पास पहुंचकर भी लोग अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पाते. लोग मंदिर के बाहर से ही हाथ जोडकर चले जाते हैं. पूरी दुनिया में ये मंदिर इकलौता है जो यमराज को समर्पित है.

 

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