आखिर क्यों इस सवाल का जवाब नही दे पा रही है यूपी पुलिस? जांच में हो सकता है और बड़ा खुलासा

हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनाऊ से एक ऐसा मामला सामना आया था जिसने सभी को झकझोंर कर रख दिया था. एपल कंपनी में काम करना वाले विवेक तिवारी को उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत प्रशांत ने रात को उनकी गाड़ी रुकवाकर उन्हें गोली मार दी थी. जानकारी के मुताबिक 28/29 सितम्बर की रात जब विवेक अपनी पूर्व सहकर्मी सना को उनके घर छोड़ने जा रहे थे तभी पीछे से प्रशांत और संदीप नाम के दो सिपाही आए और उनकी गाड़ी को रुकने का इशारा किया.

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चश्मदीद सना के मुताबिक

जब विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो सिपाहियों ने अपने दो पहिए वाहन से गाड़ी का पीछा किया और कुछ दूर जाने के बाद विवेक की गाड़ी पुलिस की बाइक के साथ टकरा गई और फिर प्रशांत अपनी बाइक से उतरकर विवेक को गोली मार दी. चश्मदीद सना ने बताया कि जब विवेक की गाड़ी पुलिस की गाड़ी से टकराई तो वो गाड़ी निकालने की कोशिश कर रहे थे इसी दौरान प्रशांत ने विवेक को पिस्टल से गोली मार दी और फिर कुछ दूर गाड़ी चलने के बाद एक खंभे से टकरा गई.

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जब विवेक की गाड़ी खंभे से टकराई तो सना भी काफी ज्यादा घबरा गई थी और इसके बाद पुलिस ने विवेक को काफी ज्यादा गंभीर अवस्था में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर गई थी जहां उनकी मौत हो गई. लेकिन सबसे बड़ी बात यहां ये आती है कि आखिर विवेक को गोली मारने के बाद दोनों सिपाही सबसे पहले कहां गए थे और कैसे गए थे. इस सवाल के जवाब में सना ने बताया दोनों सिपाही गोली मारने के बाद वहां से फरार हो गए थे. लेकिन कहां गए इसके बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली है.

एसआईटी का क्या कहना है

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विवेक तिवारी मर्डर केस को सुलझाने का जिम्मा एसआईटी को सौंपा गया है और टीम भी इस बारे में पता लगाने में लगी हुई है. मर्डर वाली रात की वारदात के एक-एक कड़ी को जोड़कर एसआईटी जांच कर रही है जिससे कोई भी बिंदु छूट ना जाए. फिलहाल इस मर्डर केस की जांच कब तक पूरी होगी इसके बारे में एसआईटी ने कोई खुलासा नहीं किया लेकिन आपको बता दें जांच की समय सीमा जरुर तय की जाती है.

NEWS SOURCE: NBT

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