मुस्लिम महिला का नहीं हुआ था हलाला जिसके बाद मौलवी ने कर डाली ऐसी शर्मनाक हरकत कि…

तीन तलाक हो या हलाला ऐसी तमाम कुरीतियां हैं जो मुस्लिम महिलाओं को उनके जीने के अधिकार को सीमित कर देता है. इन कुरीतियों से लड़ने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है. हालाँकि मुस्लिम महिलाएं सरकार के इन फैसलों से खुश तो हैं लेकिन मुस्लिम समाज में अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जो महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने की सोच रखते हैं. एक मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच का है. बहराइच में दम्पति ने करीब तीन साल पहले तलाक के बाद हलाला और निकाह की रस्म नहीं निभाई थी, उसके बाद मौलाना ने कुछ ऐसा किया कि जिसे जानकर आपका भी खून खौल जायेगा.

प्रतीकात्मक (image source-Reuters)

हलाला नहीं तो नहीं करने दिया दफन 

हुआ कुछ यूँ था कि बहराइच के फतेहउल्लाहपुर गांव में खुशुबुद्दीन ने अपनी पत्नी को फोन पर ही तीन तलाक दे दिया था. पत्नी उस वक्त अपने ससुराल में ही थी. गोंडा में काम करने वाले खुशुबुद्दीन जब तीन साल बाद अपने गांव लौटा तो वो अपनी पत्नी के साथ रहने लगा. यहां बता दें कि इस्लामिक रीति रिवाजों के अनुसार जब कोई शख्स किसी महिला को तलाक देता है तो पत्नी को पहले किसी और के साथ निकाह करना होता है और फिर उससे तलाक लेकर अपने पहले पति से निकाह करने का नियम है, जिसे हलाला कहते हैं . लेकिन खुशुबुद्दीन और उसकी पत्नी ने ऐसा नहीं किया था.

मौलाना इसरार खान ने शव दफन करने से मना कर दिया

खुशुबुद्दीन ने तलाक तो दे दिया था लेकिन उसकी पत्नी का हलाला नहीं हुआ था और वो दोनों इसके बगैर साथ-साथ रहने लगे थे. कथित तौर पर स्थानीय मौलाना इसको लेकर नाराज चल रहे थे. 6 अक्टूबर को खुशुबुद्दीन के बेटे की कुत्ते के काटने से मौत हो गई थी. मौत के बाद जब खुशुबुद्दीन अपने बेटे को दफ़नाने के लिए कब्रिस्तान ले गया तो मौलाना इसरार खान ने दफन करने से मना कर दिया. दरअसल जिस जगह पर खुशुबुद्दीन अपने बेटे को दफन करना चाह रहा था उस जगह के लिए मौलाना ने कहा कि ‘उसने उस जगह को खरीद रखा है.’

प्रतीकात्मक (Image source: स्टोरी हाउ )

मौलाना के खिलाफ FIR 

इस घटना के बाद मौलाना के खिलाफ खुशुबद्दीन ने IPC की धारा 297 के तहत शिकायत दर्ज करवाई है. SHO ने कहा कि मौलाना के खिलाफ लगे आरोपों की जाँच की जा रही है.

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