तो इस महिला ने ऐसे शुरू किया था #MeToo मूवमेंट, जानिए पूरी खबर !

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इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ही चीज़ है, “metoo हैशटैग” इस हैशटैग के सहारे महिलाएं अपने यौन शोषण की कहानियां शेयर कर रही हैं और बिना डरे अपने ऊपर बीते अपराध को बता रही हैं. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर ये metoo हैशटैग कैसे शुरू हुआ था और किसने सबसे पहले इसका प्रयोग किया था.

सबसे पहले साल 2006 में हुआ था इस हैशटैग का इस्तेमाल ! 

इसको शुरू करने वाली महिला का नाम है तराना  बुर्केहै, वैसे तो तराना एक मशहूर सोशल मीडिया एक्टिविस्ट हैं लेकिन उनके चलाये इस हैशटैग को अधिक पॉपुलरिटी मिलने से वो और भी फेमस हो गयीं हैं. ये अभियान बर्के ने उन महिलाओं ( विशेषकर वंचित समुदायों) के लिए ‘सहानुभूति के माध्यम से सशक्तिकरण’ नाम से एक अभियान की शुरुआत की थी.

तराना बुर्के ( image source : Aajtak )

6 साल की उम्र में तराना हुई थीं यौन शोषण का शिकार 

आपको बता दें तराना ने बताया था कि वो मात्र 6 साल की थीं जब उनके साथ सबसे पहली बार यौन शोषण हुआ था, उनके पड़ोस में रहने वाले एक लड़के ने कई सालों तक उनका यौन शोषण किया था जिसके खिलाफ उन्होंने आवाज़ उठाते हुए यह कदम उठाया था और लड़ाई लड़ी.

साल 2017 में इस हैशटैग ने फिर पकड़ा था टूल 

दरअसल 15 अक्टूबर को किये ट्वीट में हॉलीवुड अभिनेत्री एलिसा मिलानो ने महिलाओं को इस हैशटैग के साथ अपनी कहानी शेयर करने को कहा था और अभी तक यह बेहद पॉपुलर है.

 

एलिसा मिलानो द्वारा किया गया ट्वीट

भारत में तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप  लगाया था जिसके बाद यह बेहद प्रचलित हो गया है. अभी तक कई महिलाएं भारत में इस हैशटैग के माध्यम से अपनी कहानी बता चुकी हैं.

बता दें नाना पाटेकर, अलोक नाथ, कैलाश खैर और तन्मय भट्ट के साथ-साथ कई लोग अभी तक इस metoo के शिकार हो चुके हैं.

news source : aajtak 

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